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Tuesday, July 5, 2016

तो कुछ अपना लिखना

जब मिले न कुछ, पढ़ने के क़ाबिल,
तो कुछ अपना लिखना,

जब मिले न वास्तव में, कोई पास अपना,
तो कोई सपना लिखना,

न दैन्यं न पलायनम, कह कर भी मन न माने
तो कृष्ण की सुनना,

जब सूझे न हाथ को हाथ, अंतर्मन को कर शांत, 
पुकारना एक बार, कृष्ण दिखेगा तुझे, अपने आस पास,

जब मिले न कुछ, पढ़ने के क़ाबिल,
तो कुछ अपना लिखना ||

Tuesday, June 2, 2015

तुझे याद कर फिर लौट रहा हूँ मैं।

Savitur, this is written remembering you during my visit to Mumbai in June 2015.

आधी रात फिर उठ बैठा हूँ मैं।
तुझे याद कर फिर सिमट रहा हूँ मैं।

किसने क्या क्यूँ कहा भूल रहा हूँ मैं।
तुझे याद कर फिर झूल रहा हूँ मैं।

अकेले ही सबसे मिल रहा हूँ मैं।
तुझे याद कर फिर खिल रहा हूँ मैं।

सब कुछ जान कर भी अनजान बन रहा हूँ मैं।
तुझे याद कर फिर इन्सान बन रहा हूँ मैं।

गलत औ सही के पार उस मैदान पर पहुंच गया हूँ  मैं।
तुझे याद कर फिर लौट रहा हूँ मैं।
तुझे याद कर फिर लौट रहा हूँ मैं।

Monday, November 22, 2010

Forgive quickly, Kiss slowly

Savitur,

Life is short, Break the rules,

Forgive quickly, Kiss slowly,
Love truly, Laugh uncontrollably,
And never regret anything that made you smile.
-- Movie "Guzaarish" 19Nov 2010


It's collation of quotes from many sources....which ends with quote from Mark Twain...

"Twenty years from now you will be more disappointed by the things you didn't do than by the ones you did. So throw off the bowlines. Sail away from the safe harbor. Catch the trade winds in your sails. Explore. Dream. Discover."

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